
EVM AND VVPAT Supreme Court To Hear Plea For 100% EVM Votes-VVPAT Verification On April 16
ईवीएम EVM और वीवीपैट VVPAT पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 16 अप्रैल 2024 को होने वाली है दिलचस्प बात ये है कि ये सुनवाई ADR के द्वारा दी गयी याचिका पर है। ये वही ADR है जिसने इलेक्टोरल बांड का मुद्दा भी सुप्रीम कोर्ट में रखा था और जिसका परिणाम उनके पक्ष में आया था और इलेक्टोरल बांड को असवैंधानिक डिक्लेअर किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम और वीवीपैट के लिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है जाहिर सी बात है कि विपक्ष इससे खुश है और केंद्र इस पर अपना स्ट्रांग पक्ष रखने को तैयार होगा। बरहाल चलते है कि है क्या ये मुद्दा समझते है इसे विस्तार से।
सुप्रीम कोर्ट ने किस लिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को भेजा है नोटिस
ADR यानि की एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की जिसमे कहा गया है वोटिंग के बाद VVPAT मशीन में आने वाली सभी वोटिंग रिसीप्ट पर्चियों की भी काउंटिंग कराई जाये जिससे ये पता चले कि ईवीएम के द्वारा जितने वोट काउंट हुए वो सही है। अभी तक चुनाव आयोग रैंडमली पर्चियों की काउंटिंग करता है जिससे हारने वाली पार्टी EVM की कार्य क्षमता पर सवाल उठाती है।
ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT ) क्या है और कैसे काम करती है वोटिंग करने जा रहे तो जानिए सारी बाते
का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है Electronic Voting Machine
- इसमें आज की तारिख में तीन मशीन एक साथ जुडी रहती है
- पहली है कंट्रोल यूनिट ये मशीन पीठासीन अधिकारी के पास रहती है
- दूसरी है बैलट यूनिट ये वही मशीन है जिसमे कैंडिडेट्स के नाम और उनके चुनाव चिन्ह बने होते है और इस पर लगे अपने पसंदीदा कैंडिडेट के सामने का बटन दबाकर आप अपना वोट दे पाते है।
- इसके अलावा तीसरा पार्ट है VVPAT (Voter Verified Paper Audit Trail) ये मशीन ये सुनिश्चित करती है कि बैलट यूनिट में जिस कैंडिडेट के सामने का बटन आपने दबाया उसी को आपका वोट गया या नहीं I इस मशीन में 7 सेकंड के लिए वो नाम वोटर को दिखाई देता है जिसे आपने वोट दिया। इस पर कागज का एक रोल लगा होता है जिसमे एक पर्ची निकलती ठीक उसी तरह से जैसे जब आप पेट्रोल पम्प पर कार्ड या UPI के द्वारा पेमेंट करते है तो पर्ची निकलती है जो बताती है कि आपने कितने रूपये का पेट्रोल भरा। हालाँकि पेट्रोल पम्प वाली पर्ची को तो आप अपने साथ ले जा सकते है मगर मतदान वाली इस पर्ची को आप अपने साथ नहीं ले जा सकते है। ये पर्ची इसी मशीन में स्टोर हो जाती है।

बूथ में आप कैसे वोट देते है फर्स्ट टाइम वोटर धयान से पढ़े पूरी प्रक्रिया
- बूथ में जब आप अपना मतदान करने जाये तो अपना आधार कार्ड वोटर आई डी लेकर जाये
- पीठासीन अधिकारी सबसे फर्स्ट में बैठे होते है वो आधार कार्ड और व् वोटर आई डी जो भी आपके पास हो उसे चेक करते है और अपनी लिस्ट से मिलान करते है
- उसके बाद ऊँगली में स्याही लगायी जाती है और फिर आप पहुँचते है बैलेट यूनिट के पास। जिसमे कैंडिडेट का नाम और चुनाव चिन्ह होता है
- उसके सामने का बटन दबाते ही लाल रंग की लाइट जलती है और एक बीप की आवाज आती है और हो जाता है आपका मतदान। इसके बाद पास ही में VVPAT मशीन में आपका वोट 7 सेकंड के लिए आपको डिस्प्ले होता है जिसे देखकर आप संतुष्ट होते है कि सही व्यक्ति को वोट पड़ा या नहीं।
- OFFICIAL WEBSITE FOR IT https://www.eci.gov.in/evm/
VVPAT पर ही टिकी है सबकी निगाहे
इसका पूरा नाम वोटर वेरिफिएबले पेपर ऑडिट ट्रेल है भारत में पहली बार 4 सितम्बर 2013 को नागालैंड की 51 नोकसेन जगह में उपचुनाव के दौरान इसका यूज़ किया गया था।
इस बार के चुनाव में कुल 55 लाख एवं मशीन लगायी गयी है I
EVM का इतिहास
1977 में चीफ इलेक्शन कमिश्नर एस अल सकदार ने पहली बार इलेक्ट्रॉनिक मशीन के माध्यम ने चुनाव करने की बात कही थी , 1982 -83 ME ECIL BEL ने मशीन का निर्माण कर लिया और 1982 में केरल राज्य के 50 पोलिंग स्टेशन पर इनका प्रयोग किया गया I 1984 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक 1951 के जनप्रतिनिधि एक्ट को सुधार करने के बाद ही इसका वोटिंग के लिए उपयोग किया जायेगा 1988 में इस एक्ट में चेंज करके 61 ए सेक्शन जोड़ा गया और फिर इसे इलेक्शन में उपयोग के लिए वैध बनाया गया
पूर्ण रूप में 2004 के इलेक्शन के बाद से भारत में हर चुनाव में इस मशीन के द्वारा चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया गया है इस बार का यह पांचवा लोकसभा इलेक्शन है जो यह मशीन के द्वारा किया जायेगा I एक मशीन की बैलट यूनिट में कुल 16 उम्मीदवार का नाम दर्ज होता है जब उम्मदवारो की की संख्या 16 से ज्यादा होती है तो दूसरी मशीन कण्ट्रोल यूनिट के साथ जोड़ी जाती है I
दुनिया में कितने देश EVM मशीन के द्वारा चुनाव प्रक्रिया करते है
दुनिया के विकसित देशो में अधिकतर ने एवं का उपयोग नहीं किया वो आज भी बैलेट पेपर से ही अपनी सरकार चुनते है कुल 31 देशो ने इसका\उपयोग करना शुरू तो किया मगर आज की तारिख में मात्रा 4 देश ही इस का यूज़ चुनाव में करते है। जर्मनी, पुर्तगाल, नीदरलैंड ने इसे बैन कर दिया इसलिए हमारे देश में भी लोग कहते है कि जब इतने डेवलप्ड कंट्री इसका उपयोग नहीं कर रहे है तो कुछ तो कमी होगी ही।
विवाद क्यों है
2018 में चंद्रबाबू नायडू ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करी कि VVPAT मशीन में जाने वाली पर्चियों की गिनती की जाये जिससे क्रॉस चेक हो पाए की EVM मशीन में पड़े वोटो से पर्चियों का मिलान हो जाये ताकि कोई शक की गुंजाईश न रहे। इलेक्शन आयोग ने बताया की रैंडम्ली किसी EVM मशीन और उसकी VVPAT की काउंटिंग हम करते है मगर अब से किसी भी निर्वाचन क्षेत्र की कोई भी 5 EVM मशीन की VVPAT से क्रॉस चेक आगे से कराया करेंगे तो मामला शांत हो गया I
ADR ने डाली सुप्रीम कोर्ट में याचिका
ADR के द्वारा इस बार यह याचिका डाली गयी है की अगर मशीन में सब कुछ सही है तो VVPAT के द्वारा प्राप्त पर्चियों की गिनती करवाने में चुनाव आयोग को क्या परेशानी है आखिर लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास कायम होना जयादा महत्वपूर्ण है।इसी को ध्यान में रखते हुए देश की शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को नोटिस भेजा है और 16 अप्रैल 2024 को इस मामले की सुनवाई होगी।
कांग्रेस का मेनिफेस्टो और EVM
राहुल गाँधी ने इस बार अपने पार्टी के मेनिफेस्टो में इस बात पर जोर दिया है कि चुनावो में पारदर्शिता के लिए वो EVM और VVPAT मशीन के द्वारा वोटिंग को और विश्वसनीय बनाएंगे और मतदाता इस बात से संतुष्ट होगा कि उसका वोट उसके पसंदीदा उम्मीदवार को गया।